भिंडी की दो फसलि खेती काफी कम लागत और अधिक मुनाफे के लिए ऐसे करें !

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पटना : सब्जी की खेती करने वाले अधिकतर किसान भिंडी की फसल उगाकर कम लागत में हजाारों-लाखों रुपया कमा लेते हैं। वही प्रदेश के कुछ किसान ऐसे भी हैं जो भिंडी की फसल उगाने में सिर्फ एक बार पैसा खर्च करते हैं और दो बार भिंडी की फसल को उगाकर चार गुना मुनाफा कमा लेते हैं।

भिंडी की बुवाई का समय तो फरवरी से शुरू होता है पर  बाजार से उस प्रजाति का बीज खरीदना है जो जल्दी तैयार हो और गर्मी-बरसात दोनों ही मौसमों में अच्छी उपज दें। जनवरी के प्रथम सप्ताह में ही अपने खेत में भिंडी के बीज अंकुरित करके बुवाई कर देना चाहिए। खाद-पानी की व्यस्था आम भिंडी की फसलों की तरह ही करनी है। जल्दी बुआई करने से फसल मार्च में तैयार हो जाती है। उसे तोड़ने के बाद जून के महीने में भिंडी के पौधों को जड़ से चार-पांच इंच छोड़ कर उसकी कलम कर देना चाहिए । कुछ दिनों के बाद बरसात शुरू हो जाती है और कलम किए गए पौधों में फिर से कल्ले निकल आते हैं। दोबारा निकले हुए कल्लो में 40 से 45 दिनों में ही फल उगने लगते हैं। इस तरह आप एक बार बीज की बुआई कर दोबारा फसल काट सकते हैं। इससे आपकी खाद-पानी बीज की लागत आधे से कम होगी और मुनाफा चार गुना हो सकता है।

कई तरह के प्रोटीन व पोषक तत्वों से भरपूर भिंडी उत्पादन में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है। भिंडी भारत के कई राज्यों में प्रमुखता से उगाई जाती है। भिंडी की खेती हरियाणा,पंजाब बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, आसाम आदि क्षेत्रों में प्रमुखता से की जाती है। भारत में भिंडी की खेती लगभग 485 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई जाती है। जिसमें से लगभग 5730 हजार टन प्रतिवर्ष भिंडी का उत्पादन किया जाता है।

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