यौन उत्पीड़न मामले में चिन्मयानंद गिरफ्तार,14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये

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शाहजहांपुर : यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को विशेष जांच दल की एक टीम ने शुक्रवार की सुबह उनके आवास से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया ।

चिन्मयानंद को विशेष जांच दल ने सीजेएम की अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि चिन्मयानंद के वकील ने उनका स्वास्थ्य ठीक न होने का हवाला देते हुए उन्हें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में भेजने का अनुरोध किया था।

चिन्मयानंद के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसआईटी की टीम ने स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्षु आश्रम स्थित उनके आवास दिव्य धाम से सुबह आठ बज कर करीब 50 मिनट पर गिरफ्तार किया। शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

चिन्मयानंद की गिरफ्तारी को विशेष जांच दल ने बेहद गोपनीय रखा। शहर में जिला अस्पताल, वहां से कलेक्ट्रेट तक जाने वाले मार्ग पर, कलेक्ट्रेट से जिला कारागार तक और मुमुक्षु आश्रम के गेट पर भी पुलिस बल तैनात है।

एसआईटी की टीम दर्जन भर से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ चिन्मयानंद को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची। इससे एक घंटे पहले पीएसी और पुलिस ने मुमुक्षु आश्रम के सभी द्वारों को घेर लिया था।

गिरफ्तारी के बाद चिन्मयानंद को विशेष जांच दल टीम मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय परीक्षण कराने ले गई। वहां से उन्हें सीजेएम की अदालत ले जाया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गौरतलब है कि स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को कथित तौर पर एक वीडियो वायरल कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण करने, कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने एवं खुद को तथा अपने परिवार को जान का खतरा होने की बात कही थी।

इस मामले में पीड़िता के पिता ने कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था। लेकिन इससे एक दिन पहले चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मुकदमा पीड़िता के पिता के खिलाफ दर्ज करा दिया।

इस बीच पीड़िता गायब हो गई। कुछ दिन बाद उसे राजस्थान से बरामद कर लिया गया और उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर उसे दिल्ली में शीर्ष अदालत के समक्ष पेश किया गया । न्यायालय ने एसआईटी को मामले की जांच का निर्देश दिया।

स्वामी चिन्मयानंद की अधिवक्ता पूजा सिंह ने पीटीआई भाषा को बताया कि चिन्मयानंद के आवास में एसआईटी की टीम पुलिस बल के साथ आई और उन्हें गिरफ्तार किया।

अधिवक्ता पूजा सिंह ने बताया की विशेष जांच दल की टीम ने स्वामी चिन्मयानंद के सगे संबंधियों से ‘गिरफ्तारी मेमो’ पर भी हस्ताक्षर कराए। उन्होंने हालांकि कहा कि इस संबंध में उन्हें गिरफ्तारी से संबंधित कोई भी पत्र नहीं दिया गया l

राजकीय मेडिकल कॉलेज में चिन्मयानंद के स्वास्थ्य के परीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया जिसके चलते गंभीर बीमारियों के मरीजों को वहां परेशानी हुई। सुरक्षाकर्मियों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में उन्हें प्रवेश करने नहीं दिया l

अधिवक्ता पूजा सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने विशेष जांच दल से आरोपपत्र की प्रति तथा एफआईआर की प्रति सहित तमाम दस्तावेज मांगे थे जो उन्हें नहीं दिए गए।

इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पीड़िता की आत्मदाह करने की धमकी और जनता एवं मीडिया की ओर से बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश सरकार यह कार्रवाई करने को विवश हुई।

प्रियंका ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘भाजपा सरकार की चमड़ी इतनी मोटी है कि जब तक पीड़िता को ये न कहना पड़े कि मैं आत्मदाह कर लूँगी, तब तक सरकार कोई एक्शन नहीं लेती।’

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए 18 सितंबर को कहा था कि अगर सरकार इंतजार कर रही है कि वह खुद ही मर जाए तो वह खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लेगी ।

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