अर्थव्यवस्था: कुछ विशेषज्ञों ने कहा सरकार के कदम से अर्थव्यवस्था, विनिर्माण को मिलेगी गति तो कुछ ने मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन बतलाया

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नयी दिल्ली/मुम्बई : उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने आर्थिक वृद्धि और निवेश को बढ़ावा देने के लिये कंपनी कर में कटौती के सरकार के कदम की सराहना की। उन सभी विशेषज्ञों के बयान इस प्रकार हैं:

वेदांता रिर्सोसेस के कार्यकारी चेयरमैन अनिल अग्रवाल:अधिभार और उपकर समेत कंपनी कर में कटौती से अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी और विनिर्माण क्षेत्र तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्र को गति मिलेगी। हमें भरोसा है कि इस कदम से आने वाले दिनों में आर्थिक वृद्धि में तेजी आएगी और जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर क्षमता के अनुसार 8-9 प्रतिशत पर पहुंच सकती है। ये कदम रोजगार सृजन और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में मददगार होंगे।

भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार: सभी कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर में कटौती संभवत: पिछले 28 साल में हुआ सबसे बड़ा सुधार है। इस प्रकार की कटौती से कंपनियों का लाभ बढ़ेगा और उत्पादों की कीमतों में कटौती का रास्ता बनेगा। साथ ही सरकार के इस कदम से देश में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम विदेशी कंपनियों के लिये उपयुक्त समय पर उठाया गया है, जो वैश्विक स्तर पर निवेश के अवसर तलाश रही हैं।

हिंदुजा समूह के सह-अध्यक्ष गोपीचंद हिंदुजा: कर में कटौती उत्तम कदम है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और विनिर्माण क्षेत्र के लिये जरूरी था। इससे पता चलता है कि सरकार हमारी चुनौतियों से पूरी तरह वाकिफ है और उसे दूर करने के लिये कदम उठा रही है। मुझे लगता है कि सरकार प्रवासी भारतीयों के निवेश को आकर्षित करने के इरादे से इस प्रकार के और कदम उठाएगी। सरकार के इस कदम से रोजगार सृजित होंगे और भारत निवेश के लिहाज से आकर्षक गंतव्य बनेगा।

अपोलो हास्पिटल के चेयरमैन डा. प्रताप सी रेड्डी: उद्योग जगत निवेश योग्य अधिशेष और क्रयशक्ति बढ़ाने के लिये अधिक लाभांश भुगतान के इरादे से लंबे समय से कंपनी कराधान के मानकीकृत दरों पर लाने की वकालत करता रहा है। ऐसे समय जब दुनिया में आर्थिक नरमी है, इस प्रकार की घोषणा सरकार की तरफ से निर्णायक कदम है। इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी।

स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह: यह बड़ा कदम है। इससे धारणा सुधरेगी और वृद्धि, निवेश और मांग को पटरी पर लाने में मदद करेगी। ‘‘वित्त मंत्री ने अरुण जेटली स्टेडियम से गेंद को बाहर पहुंचा दिया।’’

बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान: ऐतिहासिक उपायों से भारत में खासकर नई विनिर्माण कंपनियों के मामले में कंपनी कर की दरें दुनिया में न्यूनतम दरों में से एक हो गयी है। ये कदम देश में कारोबार सुगमता के मामले में काफी मददगार होंगे। इन घोषणाओं से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और निवेश चक्र शुरू होगा।

सैमको सिक्युरिटीज एंड स्टॉक नोट के संस्थापक एवं सीईओ जिमीत मोदी ने कहा, ‘‘यह नरमी और नकारात्मक धारणा पर एक और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ है। इससे कंपनियों के पास अधिशेष का माहौल बनेगा जिससे वे और निवेश कर सकेंगे तथा उनकी नकदी की चिंता दूर होगी।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार: वित्त मंत्री की घोषणाओं को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये ‘न्यू डील’ करार दिया जा सकता है। इस ‘न्यू डील’ से जो मनोवैज्ञानिक प्रोत्साहन मिला है, वह राजकोषीय प्रोत्साहन से कहीं अधिक है।

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